n NBT न्यूज, लखनऊ : वाइटस्वान आर्ट एवं उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपी मेट्रो) के द्वारा शनिवार को ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन के प्रेक्षागृह में तीन दिवसीय विश्व शांति एवं सतत विकास महोत्सव का आगाज हुआ। इसका उद्देश्य विश्व शांति, पर्यावरणीय जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देना था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि इतिहासविद डॉ. रवि भट्ट ने अवध की गंगा-जमुनी तहजीब पर कहा कि संगीत और कला की कोई सीमा नहीं होती, यह सरहदों के पार जाती है। उन्होंने कहा कि नवाबों के सेक्युलर दृष्टिकोण, कला और संस्कृति के प्रति उनके प्रेम की वजह से ही अवध में कभी भी दंगे नहीं हुए, यहां तक कि बंटवारे के दौर में भी यहां शांति बनी रही। उत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक मंच पर सुर, ताल और नृत्य की अद्भुत त्रिवेणी देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. अंजलि निगम ने तानपुरे पर तान छेड़ते हुए राग भूपाली में प्रसिद्ध गीत 'ज्योति कलश छलके' और राग अहीर भैरव में 'अलबेला साजन आयो री' की बेहद सुरीली प्रस्तुति दी। इसके अलावा जगजीता, रोली वर्मा, अनुदीप्ति सिंह, डॉ. अंजलि ने भी प्रस्तुति दी। महोत्सव पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी संवेदनशील नजर आया। कार्यक्रम में दीपाली और चारू समेत कई अन्य डिजाइनर्स व कलाकारों ने 'सस्टेनेबल (सतत) परिधानों' की एक विशेष प्रदर्शनी लगाई। सृष्टि सिंह के बनाए 'श्रीनाथ जी' और स्वाति निगम द्वारा निर्मित 'हनुमान जी' के दिव्य चित्र श्रद्धालुओं व कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र रहे।


