कोकोरो आर्ट गैलरी में बिखरे कालीघाट की परंपरा के रंग

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लखनऊ की कोकोरो आर्ट गैलरी में कालीघाट पटचित्र प्रदर्शनी शुरू हुई है। यह बंगाल की एक खास चित्रकला शैली है। वरिष्ठ कलाकार मनोरंजन चित्रकार की करीब 50 कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। इस आयोजन के तहत दो दिवसीय कार्यशाला भी हो रही है। यह प्रदर्शनी भारतीय लोक कला को बढ़ावा देगी।

unique exhibition of kalighat patachitra at kokoro art gallery colors of tradition spread

n NBT न्यूज ,लखनऊ: भारतीय लोक एवं पारंपरिक कला की समृद्ध विरासत को जनसामान्य तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से जॉपलिंग रोड स्थित कोकोरो आर्ट गैलरी में बंगाल की सुप्रसिद्ध लोकचित्र परंपरा ‘कालीघाट पटचित्र’ प्रदर्शनी का आगाज़ हुआ। प्रदर्शनी का उद् घाटन पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध लेखिका एवं लोक साहित्यकार डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने किया। गैलरी की क्यूरेटर वंदना सहगल द्वारा संयोजित इस आयोजन के तहत 13 एवं 14 जून को दो दिवसीय कालीघाट पटचित्र कार्यशाला का भी आयोजन किया जा रहा है। इस पूरी प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पारंपरिक कलाकार मनोरंजन चित्रकार हैं, जिनकी लगभग 50 विशिष्ट कलाकृतियां यहां प्रदर्शित की गई हैं।

वहीं गैलरी की क्यूरेटर वंदना सहगल ने कला की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कालीघाट पटचित्र बंगाल की एक विशिष्ट चित्रकला शैली है, जिसका उद्भव उन्नीसवीं शताब्दी में कोलकाता स्थित कालीघाट मंदिर के आसपास रहने वाले पटुआ समुदाय के बीच हुआ था। सशक्त एवं प्रवाहमयी रेखांकन, चटख प्राकृतिक रंगों का प्रयोग तथा पृष्ठभूमि में न्यूनतम विवरण इस शैली की मुख्य पहचान है।