n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आलोचना जीवन का हिस्सा है, यह प्रेरणा भी देता है और सचेत भी करता है। अगर, आलोचना सकारात्मक भाव से होती है तो आलोचक की गरिमा बढ़ती है। नकारात्मक भाव से की गई आलोचना उसकी गरिमा व विश्वसनीयता दोनों को कटघरे में खड़ी करती है। इसलिए, सकारात्मक आलोचना को स्वीकार करें और नकारात्मकता को वैसे ही नकार दें जैसे व्यक्ति गंदगी को नजरंदाज कर देता है।
योगी राजधानी में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग 'त्रिवेणी' के समापन सत्र में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से मुखातिब थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युवा दबाव में धैर्य न खोएं। अगर इंसेफेलाइटिस के खिलाफ शुरू किए अभियान के प्रारंभ में जिस तरह ट्र्रायल चला, अगर मैं उस दबाव में आता तो आज प्रदेश इंसेफेलाइटिस मुक्त नहीं हो पाता। आज यूपी की उपलब्धियों की बाहर कोसने वाले राजनीतिक विरोधी भी बंद कमरे में स्वीकारते हैं, जब उनका परिवार उनको कोसता है।
माफिया से जमीन खाली करा इंस्टिट्यूट बनाया : योगी ने सरोजनीनगर में बने फरेंसिक इंस्टिट्यूट का जिक्र करते हुए कहा कि इस जमीन पर माफिया ने कब्जा कर प्लॉटिंग शुरू कर दी। डीजीपी में मुझे बताया तो मैनें कहा कि यह तो मेरा पसंदीदा विषय है। मैंने राजस्व परिषद से कागजात निकालकर प्रक्रिया पूरी करवाई तो माफिया हाई कोर्ट चला गया। इधर, एफआईआर हुई व बुलडोजर पहुंच गया। माफिया ने सरेंडर करते हुए कहा कि हम जमीन हैंडओवर कर रहे। मैंने कहा जमीन तो मैं ले ही लूंगा, लेकिन, आगे किसी भी जमीन पर कब्जा किया तो यूपी में ठिकाना नहीं मिलेगा।
2026-27 में 50 लाख करोड़ की होगी इकॉनमी : सीएम ने सवालों के जवाब के साथ ही यूपी के बदलाव को भी विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं व रिजल्ट को वह खुद मॉनिटर करते हैं। अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है। निवेश, उद्यम, कृषि, समृद्ध बाजार, प्रतिभाशाली युवा, सुशासन अब यूपी की पहचान है। कोविड के तीन वर्षों के प्रभाव के बाद भी इकॉनमी तीन गुना करने में सफल हुए हैं। 2026-27 तक प्रदेश 50 लाख करोड़ और 2029-30 तक 1 लाख करोड़ रुपये की इकॉनमी बन जाएगा।
वहीं, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आने वाला समय में डिजिटल क्रांति होगी, जिसके लिए हमें हर चीज सीखनी होगी। कंटेंट क्रिएटर्स ने नई राह खोली है। सीएम योगी बार-बार याद दिलाते है कि किसी भी नई पॉलिसी पर जनता से फीडबैक लो, इसलिए हम सोशल मीडिया की भी मदद लेते हैं।


