n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नया टैरिफ इस महीने के अंत तक घोषित कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक नए टैरिफ ऑर्डर में पिछली बार की तरह इस बार भी बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। हालांकि, बिजली उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहतों का ऐलान किया जा सकता है। इसमें स्मार्ट मीटर बदलने का खर्च जनता से नहीं वसूला जाएगा। साथ मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स के कॉमन एरिया में बिजली के इस्तेमाल को लेकर नियामक आयोग अलग से आदेश दे सकता है। इसका लाभ नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी समेत बड़े शहरों के मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स के उपभोक्ताओं को मिलेगा।
120 दिनों के भीतर जारी होना था नया टैरिफ ऑर्डर : नियमों के मुताबिक बिजली कंपनियों द्वारा दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव स्वीकार करने के 120 दिनों में बिजली की दरें जारी करनी होती हैं। इस लिहाज से यह मियाद 5 जून को पूरी हो चुकी है। बावजूद इसके अब तक बिजली की दरें जारी नहीं हुई हैं। आयोग को न केवल बिजली की दरें जारी करनी हैं, बल्कि जनसुनवाई और राज्य सलाहकार समिति की बैठक में उठे मुद्दों पर भी व्यवस्था देनी हैं। इनमें स्मार्ट मीटरों के दाम जनता से लिए जाने का भी मसला शामिल है। पावर कॉरपोरेशन ने नियामक आयोग से मांग की है कि पुराने मीटरों को बदलकर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर आने वाला खर्च जनता से उनकी बिजली दरों में वसूला जाए। इस पर तमाम आपत्तियां हैं।
बिजली दरों में कमी पर भी देना है फैसला : बिजली दरों की सुनवाई के साथ ही बिजली दरों में कमी की मांग की गई थी। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा था कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं की बकाया रकम देखते हुए या तो एकमुश्त कमी की जाए या अगले पांच साल तक बिजली दरों में रियायत दी जाए।


