भारत में बढ़ेगा प्लग-इन हाइब्रिड कारों का ट्रेंड?

Contributed byभारत,Khalid.Amin|नवभारतटाइम्स.कॉम

भारत में प्लग-इन हाइब्रिड कारों का चलन बढ़ रहा है। मर्सडीज-बेंज एस-क्लास (एस 450ई) जैसी लग्जरी गाड़ियां इस तकनीक के साथ आ रही हैं। यह तकनीक इलेक्ट्रिक और पेट्रोल वाहनों के बीच की दूरी को पाटती है। यह कार 115 किलोमीटर तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर चल सकती है, जो शहर के लिए बेहतरीन है।

भारत में बढ़ेगा प्लग-इन हाइब्रिड कारों का ट्रेंड?

भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ते बाजार के बीच अब प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) तकनीक एक बार फिर सुर्खियों में है। लग्जरी कार कंपनियां इस तकनीक पर दांव लगा रही हैं। ताजा उदाहरण मर्सडीज-बेंज की नई एस-क्लास (S 450e) है, जिसे पहली बार भारत में प्लग-इन हाइब्रिड पावरट्रेन के साथ पेश किया गया है। ऑटो इंडस्ट्री के जानकार PHEV को ऐसी तकनीक मान रहे हैं, जो इलेक्ट्रिक और पेट्रोल वाहनों के बीच की खाई को भर सकती है।

समझें क्या है प्लग-इन हाइब्रिड?

प्लग-इन हाइब्रिड गाड़ी में पेट्रोल या डीजल इंजन के साथ एक बड़ी बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर भी होती है। सामान्य हाइब्रिड कारों से अलग इसकी बैटरी को बाहर से चार्ज किया जा सकता है। कम दूरी और शहर की ड्राइविंग में वाहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड पर चल सकता है। बैटरी खत्म होने पर इंजन काम करने लगता है। नई एस-क्लास के मामले में कंपनी 1000 किमी की ड्राइव साइकल में लगभग 32 किमी/लीटर के बराबर कंबाइंड एफिशिएंसी का दावा कर रही है।

क्या खास है नई PHEV एस-क्लास में?: इस कार को 2.20 करोड़ रुपये की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत के साथ लॉन्च किया गया है। मर्सडीज-बेन्ज इंडिया के MD और CEO संतोष अय्यर ने एनबीटी से खास बातचीत में बताया कि यह कार करीब 115 किलोमीटर तक केवल इलेक्ट्रिक मोड पर चल सकती है। यानी दिल्ली जैसे मेट्रो सिटीज में रोजमर्रा की कम्युटिंग पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड में हो सकती है, जबकि लंबी दूरी के सफर में पेट्रोल इंजन साथ होने से चार्जिंग नेटवर्क या रेंज की चिंता नहीं रहती। दिल्ली जैसे शहरों के लिए यह और भी बेहतर है क्योंकि शहर के अंदर चलाने पर ‘पल्यूशन फ्री’ रहती है। AI बेस्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम, कार टु कार कम्युनिकेशन और सर्टिफाइड ऑटोनोमस लेवल-3 जैसी तमाम हाई एंड टेक्नॉलजी इसमें दी गई है।

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