गुजरात सरकार ने राज्य को वैश्विक स्तर पर कॉम्पिटिटिव, इनोवेटिव और टिकाऊ औद्योगिक शक्ति बनाने के उद्देश्य से विकसित गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 लॉन्च की। यह नीति 'विकसित गुजरात से विकसित भारत @2047' के विजन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। गुजरात सरकार की ओर से बताया गया कि नई औद्योगिक नीति केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गुजरात को वर्ष 2047 तक 3.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देना भी है।
नई नीति में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, इलेक्ट्रोलाइजर, नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण, बैटरी स्टोरेज, फ्यूल सेल, ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स, एयरोस्पेस, स्पेस मैन्युफैक्चरिंग, टेक्सटाइल, एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, सेमीकंडक्टर उद्योगों की सहायक इकाइयों और न्यूक्लियर पावर उपकरण निर्माण को प्रमुख थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है।
'सभी के लिए कुछ न कुछ'
स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नए उद्यमों को एक वर्ष तक 25 हजार रुपये प्रतिमाह का सस्टेनेंस अलाउंस दिया जाएगा, जबकि महिला सह-संस्थापक वाले स्टार्टअप्स को 30 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। हाई-टेक, फिनटेक, बायोटेक और ग्रीन स्टार्टअप्स को अतिरिक्त एक वर्ष तक सहायता दी जाएगी। हाई-इम्पैक्ट स्टार्टअप्स को 30 से 40 लाख रुपये तक सीड सपोर्ट तथा टर्म लोन पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी मिलेगी। महिला उद्यमियों के लिए अतिरिक्त 1 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, पांच वर्षों तक किराया सहायता और विशेष कौशल विकास कार्यक्रमों का प्रावधान किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के एमएसएमई उद्यमियों को कुल प्रोत्साहन सीमा में अतिरिक्त 5 प्रतिशत लाभ मिलेगा।
गुजरात को वैश्विक रिसर्च एंड डिवेलपमेंट हब बनाने के लिए कम से कम 300 करोड़ रुपये निवेश वाले पहले पांच आरएंडडी केंद्रों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इनमें भवन, मशीनरी और उपकरणों पर 50 प्रतिशत तक पूंजी सब्सिडी, भूमि लागत पर 25 प्रतिशत प्रतिपूर्ति, पांच वर्षों तक एक रुपये प्रति यूनिट बिजली दर, प्रति कर्मचारी 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेरोल सहायता तथा पेटेंट और आईपीआर सहायता जैसी कई चीजें शामिल हैं।
नीति में एमएसएमई, बड़े, मेगा और अल्ट्रा-मेगा उद्योगों के लिए पूंजी सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी और बिजली शुल्क सहायता के विकल्प दिए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज परियोजनाओं और स्वच्छ उत्पादन तकनीकों को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह नीति निवेश, रोजगार, नवाचार और हरित औद्योगिक विकास को नई दिशा देकर गुजरात को भविष्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का अग्रणी केंद्र बनाएगी।


