n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता हितों की प्रभावी सुरक्षा के लिए पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा के पद पर अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती की मांग की गई है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दोनों पदों पर एक ही अधिकारी की तैनाती को हितों के टकराव का मामला बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से इसकी मांग की है। उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग के उस आदेश का भी हवाला दिया है, जिसमें उसने पारदर्शिता के लिए ट्रांसमिशन और यूपीएसएलडीसी में अलग-अलग प्रबंध निदेशकों के तैनाती की बात कही है।
ऊर्जा विभाग के पूर्व अपर मुख्य सचिव नरेंद्र भूषण के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद पावर कॉरपोरेशन चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल को ऊर्जा विभाग का एसीएस भी बना दिया गया है। उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन और शासन में शीर्ष पद पर एक ही अधिकारी की तैनाती पर सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन के फैसले, कार्रवाई या उपभोक्ता विरोधी फैसले के खिलाफ अगर कोई उपभोक्ता जनप्रतिनिधि या संगठन शासन में शिकायत करता है तो निष्पक्ष व पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होता है।


