मॉनसून सिर पर, अब लग रहे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के टेंडर

नवभारतटाइम्स.कॉम

गुड़गांव में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए जीएमडीए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बना रहा है। शहर में पांच जगहों पर यह सिस्टम लगेंगे, जिन पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। मॉनसून आने वाला है, ऐसे में काम समय पर पूरा होने पर सवाल उठ रहे हैं।

rainwater harvesting tenders just before monsoon will work be completed on time

n गुड़गांव: शहर में बरसाती पानी के जरिए ग्राउंड वॉटर रिचार्ज करने के लिए जीएमडीए अब रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने जा रहा है। योजना के तहत शहर में 5 जगहों पर ये सिस्टम लगाए जाएंगे, जिन पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। मॉनसून सिर पर है, ऐसे में अब टेंडर जारी किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि बारिश से पहले यह काम कैसे पूरा होगा।

जीएमडीए के मुताबिक, 18 जून को टेंडर ओपन किए जाएंगे। इसके बाद वर्क ऑर्डर जारी होंगे और फिर एजेंसी काम शुरू करेगी। एजेंसी को काम पूरा करने के लिए 45 दिन दिए जाएंगे। मॉनसून के जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में आने की संभावना है, ऐसे में समय-सीमा को लेकर असमंजस बना हुआ है। अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वे 5 लोकेशन कौन-कौन सी होंगी, जहां ये सिस्टम बनाए जाएंगे।

हर साल मॉनसून से पहले होती हैं बैठकें: हर साल मानसून में शहर का लाखों लीटर बारिश का पानी सीवर और ड्रेनेज के जरिए बह जाता है। इसे रोककर ग्राउंड वॉटर रिचार्ज करने को लेकर हर बार मॉनसून से पहले बैठकें होती हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर, जीएमडीए और नगर निगम के अधिकारी भी लगातार रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को लेकर बात करते रहे हैं। इस बार टेंडर की टाइमलाइन पर सवाल उठ रहे हैं।

निगम भी कर रहा तैयारी: नगर निगम भी 15 करोड़ रुपये की लागत से 130 रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने की योजना पर काम कर रहा है, लेकिन इनमें से अधिकतर काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। हालात देखते हुए यह भी मुश्किल लग रहा है कि नगर निगम के सभी सिस्टम मॉनसून से पहले तैयार हो पाएंगे।

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