n NBT न्यूज़, ग्रेटर नोएडा : सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीडीओ भालचंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में स्कूलों की भारी मनमानी और लापरवाही उजागर हुई। आरटीई के तहत चयनित बच्चों को दाखिला न देने के मामले में जिले के 32 प्रमुख स्कूलों को तलब किया गया था, लेकिन इनमें से केवल 15 स्कूलों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य ही उपस्थित हुए। शेष 16 स्कूलों ने समर ब्रेक का बहाना बनाकर बैठक से दूरी बना ली> आरटीई के तहत कुल 4330 सीटें आवंटित की गई थीं, जिनमें से अब तक केवल 3400 बच्चों का ही नामांकन हो सका है। लॉटरी में नाम आने के बावजूद करीब 930 बच्चे पिछले कई महीनों से स्कूलों की चौखट लांघने का इंतजार कर रहे हैं। सीडीओ भालचंद्र त्रिपाठी ने प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक छात्र की सूचना पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपडेट की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि पात्र बच्चों को शिक्षा से वंचित करने वाले स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की संस्तुति शासन को भेजी जाएगी। बीएसए राहुल पवार ने बताया कि बैठक में न आने वाले स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।


