पीटीआई, नई दिल्ली: मार्केट रेगुलेटर सेबी ने सोमवार को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के लिए नियमों में बदलाव किए हैं। इन नए नियमों के तहत बेस प्राइस तय करने के तरीके और कीमतों के घटने-बढ़ने की सीमा (प्राइस बैंड) को फिर से तय किया गया है। कमोडिटी ईटीएफ के लिए एक खास बोली प्रक्रिया (कॉल ऑक्शन) शुरू की गई है, ताकि निवेशकों को सही कीमत मिल सके और उनके पैसे सुरक्षित रहें। अब ईटीएफ की बेस प्राइस पिछले दिन की क्लोजिंग प्राइस मानी जाएगी। इसे ईटीएफ के आखिरी 30 मिनट के कारोबार के औसत (VWAP) के आधार पर निकाला जाएगा। अगर आखिरी 30 मिनट में कोई ट्रेडिंग नहीं हुई, तो उस दिन जिस आखिरी कीमत पर ट्रेड हुआ था, उसे ही बेस प्राइस माना जाएगा। और अगर पिछले पूरे दिन कोई ट्रेड ही नहीं हुआ, तो उस ईटीएफ की एनएवी (NAV) को आधार बनाया जाएगा। ये नियम 1 सितंबर से लागू हो जाएंगे।


