NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : थोक महंगाई दर लगातार सातवें महीने बढ़कर मई में 9.68% पर पहुंच गई। अप्रैल में यह 8.26% पर थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मई का होलसेल इंफ्लेशन का आंकड़ा नए बेस ईयर 2022-23 के साथ जारी किया, जो पहले 2011-12 था।
मंत्रालय ने कहा, 'पेट्रोलियम उत्पादों सहित मिनरल ऑयल, क्रूड, नैचरल गैस, केमिकल्स के साथ बेसिक मेटल्स का थोक महंगाई दर बढ़ाने में बड़ा हिस्सा रहा।' क्रूड पेट्रोलियम में इंफ्लेशन 61.5% रही, जो अप्रैल में 56.3% थी। खाने-पीने की चीजों में इंफ्लेशन 3.6% रही, जो अप्रैल में 2.43% थी। कारखानों में बनी चीजों में महंगाई दर अप्रैल के 6.68% से बढ़कर 7.48% हो गई। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, 'कच्चे तेल में नरमी से WPI पर असर दिखेगा, लेकिन आने वाले महीनों में बड़ा रिस्क कम बारिश से फूड प्राइसेज बढ़ने का है।'


