यूटिलिटी शिफ्टिंग में उलझा गुड़गांव मेट्रो का निर्माण!

नवभारतटाइम्स.कॉम
gurugram metro construction hindered by utility shifting causing delays

Yashlok.Singh

@timesofindia.com

n गुड़गांव: पहले चरण में गुड़गांव मेट्रो के निर्माण से ज्यादा बड़ी चुनौती यूटिलिटी शिफ्टिंग बन रही है। मिलेनियम सिटी सेंटर (MCC) स्टेशन से हीरो होंडा चौक के बीच कई स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल, CCTV, पेयजल, गैस और बिजली से जुड़ी यूटिलिटी अभी तक पूरी तरह शिफ्ट नहीं हो पाई हैं। नतीजतन, कई पॉइंट्स पर सिविल वर्क की रफ्तार प्रभावित हो रही है।

गुड़गांव मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने MCC स्टेशन से हीरो होंडा चौक तक के कॉरिडोर को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय तेज कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस हिस्से में काम आगे बढ़ाने के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग से जुड़े लंबित मामलों पर नियमित समीक्षा और बैठकें की जा रही हैं, ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पहले चरण को संचालन के लिए तैयार किया जा सके। GMRL अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में MCC स्टेशन से हीरो होंडा चौक तक का सेक्शन सबसे अहम है। ट्रैफिक सिग्नल, CCTV, पेयजल पाइपलाइन, गैस पाइपलाइन और बिजली लाइनों का स्थानांतरण पूरा होते ही साइट पर काम में तेजी आने की उम्मीद है।

गैस पाइपलाइन भी परेशानी : IGL, HCGL और गेल की पाइपलाइनें लगभग 13 स्थानों पर निर्माण क्षेत्र में आ रही हैं। GMRL के साथ HCGL ने सुभाष चौक क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया है, जबकि IGL के साथ सेक्टर-33 से हीरो होंडा चौक तक पाइपलाइन शिफ्टिंग को लेकर चर्चा जारी है।

बिजली लाइनों के डायवर्जन में मंजूरी का इंतजार : कॉरिडोर पर लगभग 7 स्थानों पर 66 केवी ओवरहेड बिजली लाइन हटाई जानी है। इसके लिए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) के साथ GMRL अधिकारियों की कई दौर की बैठकें और संयुक्त निरीक्षण हो चुके हैं, लेकिन अंतिम मंजूरी अभी लंबित है। वहीं, करीब 6 स्थानों पर 11 केवी बिजली लाइन डायवर्जन का काम भी पूरा नहीं हुआ है। मामले में DHBVN, GMRL, जनरल कंसल्टेंट और निर्माण एजेंसी के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं। एक स्थान पर काम पूरा हो गया है, जबकि बाकी जगहों पर सामग्री खरीद और लागत अनुमान मिलने के बाद ही काम आगे बढ़ेगा। मिलेनियम सिटी सेंटर स्टेशन के ऊपर से गुजर रही DMRC की 66 केवी हाई टेंशन केबल भी शिफ्ट की जानी है, क्योंकि यह निर्माण के रास्ते में आ रही है। GMRL की ओर से DMRC के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है, लेकिन इस पर अंतिम कार्रवाई अभी तक नहीं हो सकी है।