nNBT न्यूज, लखनऊ
महात्मा गांधी मार्ग स्थित विश्वेश्वरैया हॉल में शनिवार को क्रोसा क्रिएटिव और तकी मीर फाउंडेशन ने मिलकर ' जश्न-ए-गज़ल सीज़न 5 का आयोजन किया। शाम का मुख्य आकर्षण संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित अंजुमन : महफ़िल-ए-कथक रहा। रागिनी श्रीवास्तव के निर्देशन में ' नृत्यांजली ग्रुप लखनऊ ' के कलाकारों श्वेता गुप्ता, अंशिका पाठक, मौसमी और निखिल ने शानदार प्रस्तुति दी।
शानदार सोलो परफॉर्मेंस : ग्रुप ने मुग़ल-ए-आज़म के आइकॉनिक गीत 'जब प्यार किया तो डरना क्या' और फिल्म पाकीज़ा के 'यूं ही कोई मिल गया था सरे राह चलते चलते' पर कथक की ऐसी सधी हुई सामूहिक प्रस्तुति दी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस महफिल का सबसे जादुई पल तब आया जब कलाकार पर्णिका श्रीवास्तव ने मंच संभाला। उन्होंने फिल्म उमराव जान के कालजयी गीत 'इन आंखों की मस्ती के अफसाने हज़ारों हैं' पर एक शानदार सोलो परफॉर्मेंस दी। उनके चेहरे के भावों और बेहतरीन कथक मूव्स ने दर्शकों को सम्मोहन में बांध लिया और पूरा हॉल देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। इसके बाद, पूरे ग्रुप ने 'दिल चीज़ क्या है आप मेरी जान लीजिए' पर सामूहिक नृत्य की जुगलबंदी के साथ इस संध्या का समापन किया।

