nNBT न्यूज, लखनऊ : लखनऊ बायोस्कोप ने शनिवार को कैसरबाग स्थित सनतकदा के अड्डे पर 7वें 'म्यूजियम मिक्सर' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर भारत और विशेषकर अवध की सांस्कृतिक व पारंपरिक गर्मियों पर परिचर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता 'देशी ड्रेप्स' की संचालक ईशा प्रिया सिंह ने स्थानीय पारिस्थितिक ज्ञान और बदलते शहरी परिदृश्य के बीच ऋतुओं के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला।
परिचर्चा के दौरान अवध के मौसमी फलों और खान-पान का जिक्र करते हुए उन्होंने बेल के शरबत, बख्शी का तालाब के मशहूर खरबूजों, गंगा की रेती में उगे तरबूजों और खीरे-ककड़ी जैसी स्थानीय उपजों की खूबियां साझा कीं। इस अवसर पर 'आम' पर केंद्रित एक विशेष क्विज का भी आयोजन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन्होंने तेजी से बढ़ते शहरीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कंक्रीट के ढांचों के कारण शहरों में गर्मी और विकराल हो गई है। मौसम के अनुकूल जीवन जीने की हमारी पुरानी परम्पराएं अब लुप्त हो रही हैं।

