थार से टक्कर मारी, इलाज के बहाने जंगल में फेंका, मौत

नवभारतटाइम्स.कॉम
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nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : गोमतीनगर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां किराए की थार से फर्राटा भर रहे युवकों ने पहले तो एक पुजारी को टक्कर मारकर घायल कर दिया, फिर इलाज कराने के बहाने जीप में लादकर रफूचक्कर हो गए। आरोपितों ने घायल को अस्पताल ले जाने के बजाय इंदिरानगर सेक्टर-19 के जंगल में फेंक दिया। समय पर इलाज न मिलने से पुजारी ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपितों और एक नाबालिग को पकड़ लिया है।

घरवालों को झांसा देकर सामने से भागे
मूलरूप से अंबेडकरनगर के थाना भीटी स्थित ग्राम चंदौका निवासी देवकुमार दुबे (42) गोमतीनगर के विराम खंड-2 स्थित सिद्ध कामेश्वर मंदिर में पुजारी थे। सोमवार 22 जून की दोपहर वह विराम खंड-1 स्थित देवा पैलेस के पास से गुजर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार थार जीप (यूपी 51 बीपी 7011) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में देवकुमार दुबे बुरी तरह घायल हो गए। दुर्घटना की खबर मिलते ही मंदिर के प्रधान पुजारी दृष्टद्युम शरण मिश्र और उनका बेटा अनूप आनन-फानन में स्कूटी से मौके पर पहुंचे। वहां थार सवार चार-पांच युवकों ने घायल देवकुमार को देखकर सहानुभूति दिखाई और कहा कि वे उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे हैं। उन्होंने घायल पुजारी को जीप के भीतर लेटा लिया। प्रधान पुजारी का बेटा अनूप भी उनके साथ गाड़ी में बैठने की कोशिश कर रहा था। इससे पहले कि वह अंदर जा पाता, आरोपितों ने थार की रफ्तार बढ़ा दी और वहां से भाग निकले। अनूप ने अपनी स्कूटी से काफी दूर तक थार का पीछा भी किया, पर आरोपितों की तेज रफ्तार गाड़ी उसकी आंखों से ओझल हो गई।