Major Action On Coaching Centers In Noida Raid On Over 102 Centers After Fire Incident 2 Sealed
वही पुराना दस्तूर, कुछ दिन सीलिंग और फिर सब कुछ 'ऑल इज वेल'
नवभारतटाइम्स.कॉम•
n NBT न्यूज, नोएडा
शहर का पुराना दस्तूर गवाह है कि जब-जब कहीं आग लगती है, जिम्मेदार महकमे कुछ संस्थानों को सील करने और मुट्ठी भर 'कारण बताओ नोटिस' थमाने को ही अपना अंतिम फर्ज मानकर बैठ जाते हैं। कुछ दिनों तक यह शोर रहता है, फिर लोग भूल जाते हैं। अब जब लखनऊ के कोचिंग सेंटर की भीषण आग ने पूरे सूबे को दहलाया, तो मंगलवार को नोएडा प्रशासन भी उसी चिर-परिचित 'एक्शन मोड' में नजर आया। फायर विभाग, डीआईओएस और सिटी मैजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम ने आनन-फानन में जिले के 102 से अधिक कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी की और विक्टर कोचिंग सेंटर और ओम कोचिंग सेंटर को सीज कर दिया। कई अन्य संस्थानों को कमियां दूर करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। लेकिन बड़ा सवाल वही है कि इस 'दिखावे की मुस्तैदी' के आगे क्या होगा? यह किसी को नहीं पता।बिना रजिस्ट्रेशन और बिना फायर NOC के चल रही थी ओम कोचिंग संयुक्त टीम ने जब सेक्टर-104 स्थित ओम कोचिंग सेंटर पर छापा मारा, तो वहां सुरक्षा के नाम पर भारी लापरवाही सामने आई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि यह संस्थान बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के चलाया जा रहा था। संस्थान के पास फायर विभाग की अनिवार्य अनापत्ति प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं था। इस सेंटर को अधिकारियों ने मौके पर ही सील कर दिया। इसके अलावा नियमों के विपरीत दूसरी मंजिल पर चल रहे एक अन्य कोचिंग सेंटर को भी सीज किया गया।
जांच में खुली पोल: दिखावे
के मिले फायर उपकरण
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस विशेष अभियान के तहत कोचिंग सेंटरों में फायर एग्जिट (आपातकालीन निकास), अग्निशमन उपकरण, बैठने की क्षमता, भवन की संरचना और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की कड़ाई से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कई नामी संस्थानों में भी फायर सेफ्टी उपकरण या तो अधूरे मिले या फिर वे चालू हालत में नहीं थे। कुछ जगहों पर इमरजेंसी निकास का रास्ता बेहद संकरा था या उस पर सामान रखकर उसे ब्लॉक किया गया था।