आंसुओं से सजी कासिम की मेहंदी

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आंसुओं से सजी कासिम की मेहंदी
nNBT न्यूज, लखनऊ : मेहंदी की रस्म का पूरा इंतजाम था… बाराती भी समय से जमा हो गए थे, लेकिन यह कोई खुशियों की बारात नहीं थी। साजों-सामान से सजी इस “बारात” में हर तरफ सिसकियों की गूंज थीं। चेहरों पर गम और मायूसी तारी थी। मौका था मंगलवार रात कर्बला के 13 वर्षीय शहीद और इमाम हुसैन (अ.स) के भतीजे हजरत कासिम की याद में बड़ा इमामबाड़ा से सातवीं मोहर्रम की शाम निकले शाही मेहदी के जुलूस का।

मातमी धुनें रात के सन्नाटे में इस रौशन लेकिन दर्द भरी बारात की कहानी कह रही थीं। स्याह लिबास में अकीदतमंद आगे बढ़ रहे थे, मगर हर कदम सिसकियों से भारी था। इसी गमगीन माहौल में जुलूस बड़ा इमामबाड़ा से शुरू होकर देर रात छोटा इमामबाड़ा पर खत्म हुआ। रास्ते भर शहनाई और नौहे गूंजते रहे… “आज मेंहदी है कासिम तुम्हारी…” और यह सदा हर बार दिलों को और नम कर जाती थी।