Child Rishabhdev Renounces Royal Splendor For Forest Grand Celebration Of Tap Kalyanak Mahotsav
राज्य वैभव त्यागकर तप करन वन चले गए बालक ऋषभदेव
नवभारतटाइम्स.कॉम•
nNBT न्यूज, लखनऊ
काकोरी, अमेठिया स्थित पारसनाथ धाम में चल रहे छह दिवसीय श्री 1008 आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव के चौथे दिन शनिवार को तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया। इस दौरान मंदिर परिसर आदिनाथ के जयघोष से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर जन्म कल्याणक संस्कार व प्रवचन हुए। मंदिर में सुबह तीर्थंकर बालक ऋषभदेव का जन्म कल्याणक संस्कार, अभिषेक, शांतिधारा, 81 कलशों के जल से वेदी व मंदिर शुद्धि की गई। भगवान ऋषभदेव की भव्य बारात निकाली गई और उनका विवाह हुआ। उसके बाद राज्याभिषेक हुआ। राज्याभिषेक के दौरान नृत्य देख भगवान को वैराग्य हुआ और उन्होंने वन गमन कर तीर्थंकर दीक्षा ली। शाम को महाआरती और शास्त्र सभा के बाद राष्ट्रीय जैन गायक रूपेश जैन ने भजन प्रस्तुत किए। मौके पर बृजेश जैन बंटी, संजीव जैन, संदीप जैन, आदिश जैन, रीतेश जैन, विशाल जैन, अभिषेक जैन, नितिन जैन, जागेश जैन मौजूद रहे।