मदरसों में फायर सेफ्टी न सुरक्षा के इंतजाम

Contributed byC-surya.Shukla|नवभारतटाइम्स.कॉम
madrasas neglecting fire safety and security standards human rights commission seeks response
n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जहां राज्य सरकार ने विभिन्न संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और ऑडिट के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, प्रदेश के मदरसों खासकर अनुदानित को इससे दूर रखा गया है। जबकि, अधिकतर मदरसों और उनके छात्रावासों में न तो फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं और न ही वे सुरक्षा के अन्य मानक पूरे करते हैं। यह शिकायत के जरिए मामला मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। आयोग ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

इसकी शिकायत बाराबंकी के इंजिनियर मो. तलहा अंसारी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में की है। आरोप लगाया गया था कि प्रदेश के अनेक मदरसों में छात्रावास बिना स्वीकृति और जरूरी एनओसी के चलाए जा रहे हैं। कई मदरसों और छात्रावासों में फायर एनओसी, हेल्थ एनओसी, फूड सेफ्टी और अन्य अनिवार्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं है, जिससे वहां पढ़ने और रहने वाले बच्चों विशेषकर नाबालिग बच्चों के जीवन पर गंभीर खतरा बना हुआ है। मो. तलहा ने आयोग से मांग की है कि जो मदरसे और उनके छात्रावास सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे, उन पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर ऐक्शन टेकन रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने माना कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बच्चों के जीवन और सुरक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला है।