स्मार्ट मीटर जांच मामले में मध्यांचल की एमडी को नियामक आयोग का नोटिस

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n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : स्मार्ट मीटर जांच मामले में नियामक आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल को नोटिस जारी करके 10 दिनों में जवाब मांगा है। आयोग ने मध्यांचल की हाईटेक प्रयोगशाला में स्मार्ट मीटर जांच के लाइसेंस की प्रति और स्पष्टीकरण मांगा है। स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद इसी प्रयोगशाला में मीटरों की जांच की जा रही थी। जबकि, प्रयोगशाला के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस नहीं है।

तीन सदस्यीय कमिटी ने की थी जांच : मुख्यमंत्री के आदेश के बाद स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करके मीटर की जांच मध्यांचल की हाईटेक प्रयोगशाला में करवाई जा रही थी। शासन को अंतरिम रिपोर्ट भेजे जाने के बाद से ही मीटरों की जांच मामले में विवाद शुरू हो गया क्योंकि दावा किया गया कि प्रयोगशाला के पास स्मार्ट मीटर जांचने का लाइसेंस ही नहीं है। प्रयोगशाला प्रबंधन की तरफ से दावा किया जाता रहा कि वह स्मार्ट मीटरों की जांच कर सकता है और वह पहले भी स्मार्ट मीटरों की जांच करवाता रहा है।
एनएबीएल बता चुका है कि लाइसेंस नहीं है : अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि एनएबीएल (नैशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग ऐंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज) 10 जून को ई-मेल से शिकायत का जवाब देते हुए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि मध्यांचल की हाई-टेक प्रयोगशाला के मान्यता प्राप्त कार्यक्षेत्र में भारतीय मानक आईएस- 16444 (पार्ट-1 व 2) के अनुसार स्मार्ट मीटर परीक्षण शामिल नहीं है। इस मानक के तहत प्रयोगशाला को मान्यता प्राप्त नहीं है। अवधेश ने कहा कि प्रयोगशाला के लाइसेंस विवाद के बीच प्रयोगशाला ने दावा किया था कि वह आईएस-13779, आईएस-14697 और आईएस-16444 के अनुरूप स्मार्ट मीटरों के एक्सेप्टेंस टेस्ट करने के लिए पूरी तरह सक्षम और अधिकृत है। एनएबीएल के उत्तर से स्पष्ट है कि मध्यांचल का दावा गलत है और यही कारण है कि वह आयोग को जवाब नहीं दे रहा है।