जंगल, झीलों को पर्यटन स्थल बनाने की मंज़ूरी

नवभारतटाइम्स.कॉम

बाराबंकी के नियामतपुर जंगल और तीन झीलों को इको पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए शासन ने दो करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। नियामतपुर जंगल के 50 हेक्टेअर हिस्से का पहले चरण में विकास होगा। कमरावां, बनगंवा और सराही की आर्द्रभूमि को वेटलैंड के रूप में विकसित करने की मंजूरी भी मिली है।

जंगल, झीलों को पर्यटन स्थल बनाने की मंज़ूरी

nNBT न्यूज़, बाराबंकीः पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग ने जिले के नियामतपुर जंगल व तीन झीलों को इको पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए शासन से दो करोड़ रुपये भी मंजूर हुए हैं। इनमें से 52 लाख रुपये नियामतपुर फाॅरेस्ट के विकास के लिए स्वीकृत किए गए हैं। 200 हेक्टेअर में फैले इस जंगल के 50 हेक्टेअर हिस्से का पहले चरण में विकास किया जाएगा।

शासन ने पहले चरण में कमरावां, बनगंवा व सराही की आर्द्रभूमि को वेटलैंड के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है। जिले की आठ झीलों को वेटलैंड के रूप में विकसित करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। इसमें बैनाटीकाहार, सादुल्लापुर, सराय बराई, भितरी, नकटौली, खुर्दमऊ, भगहर व चकौरा को अंनतिम रूप से तीन दिसम्बर को अधिसूचित करते हुए आपत्ति मांगी गई थी। तय अवधि में एक भी आपत्ति नहीं मिली। इस पर प्रशासन ने अंतिम रूप से अधिसूचित किए जाने की रिपोर्ट दी। एक सप्ताह में अंतिम अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।