nNBT न्यूज़, लखनऊ : राजधानी के परिषदीय स्कूलों में पर्यावरण और खेल-स्वास्थ्य विषयों की परीक्षा में कक्षा 6, 7 व 8 के छात्रों से कॉमन प्रश्न पत्र पूछे जाने पर निदेशालय स्तर से उच्चाधिकारियों ने ऐसी गंभीर लापरवाही पर जिम्मेदारों से जवाब तलब किया है। साथ ही भविष्य में इस तरह की गलतियों पर विभाग की फजीहत होने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
16 मार्च से स्कूलों में शुरू हुई वार्षिक परीक्षा के पहले दिन खेल और स्वास्थ्य विषय परीक्षा हुई। इसमें कक्षा 6, 7 व 8 के छात्रों से कॉमन प्रश्न पत्र पूछा गया, जिसमें सभी कक्षाओं का प्रश्नपत्र तो अलग था लेकिन इसमें पूछे गए प्रश्न हूबहू एक जैसे थे। ऐसे में जब शिक्षकों ने आपस में पर्चों का मिलान किया तो वह एक ही जैसे थे, जिस पर खाली क्लास बदली थी। इसके बाद शुक्रवार को हुई पर्यावरण विषय परीक्षा में ठीक वैसी ही घटना हुई। इसमें भी कक्षाओं के प्रश्नपत्र तो अलग थे लेकिन पूछे गए सवाल एक जैसे ही थे। इस पर विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि कक्षा 6 के बच्चे की तुलना कक्षा 8 से कैसे की जा सकती है, यहां छात्रों के मूल्यांकन में बहुत समस्या पैदा करने वाला होगा। वहीं एक जैसे सवालों पर परीक्षा से संबंधित जिम्मेदारों का कहना था कि तीनों कक्षाओं किताब एक जैसी है इसलिए एक जैसे सवाल पूछे जाने पर हैरानी नहीं होनी चाहिए।
डायट में बनते हैं प्रश्नपत्र : परिषदीय स्कूलों में होने वाली परीक्षाओं के प्रश्नपत्र जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में तैयार होते हैं। यहीं पर ये मॉडरेट भी होते हैं। ऐसे में इस तरह कॉमन प्रश्नपत्र छपने और फिर उससे बच्चों की परीक्षा करवाए जाने की लापरवाही भी वहीं से होने की आशंका है।


