कचहरी परिसर के सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नवभारतटाइम्स.कॉम

कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बॉडी स्कैनर और मेटल डिटेक्टर पिछले दो सालों से खराब हैं। रोजाना हजारों लोग कचहरी आते हैं, लेकिन सुरक्षा राम भरोसे है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रभावी जांच की व्यवस्था न होने से हालात बिगड़ सकते हैं।

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n NBT न्यूज, आरडीसी : कचहरी और कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। यहां सुरक्षा के लिए लगाए गए बॉडी स्कैनर और मेटल डिटेक्टर पिछले दो सालों से खराब पड़े हैं, लेकिन अब तक उन्हें दुरुस्त कराने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही के बावजूद परिसर में सुरक्षा राम भरोसे चल रही है। अधिवक्ता हरीश त्यागी के अनुसार कचहरी परिसर में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वादी-प्रतिवादी और करीब 3 हजार अधिवक्ता पहुंचते हैं। ऐसे में प्रभावी जांच की व्यवस्था नहीं होने से हालात गंभीर हो सकते हैं। वहीं, कोर्ट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय करने के लिए इसे पीडब्ल्यूडी को सौंपने संबंधी प्रस्ताव इलाहाबाद हाईकोर्ट को भेजा गया है।