nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए अभ्यर्थी के साथ स्क्राइब के रूप में सॉल्वर भेजेने वाले गिरोह में शामिल सरकारी कर्मचारियों के बारे में डिटेल उनके विभागों को भेज दी गई है। इसके अलावा एसटीएफ ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी पाने वाले लोगों के बारे में भी उनके विभाग को सूचना दे दी है।
एसटीएफ ने सीबीएसई बोर्ड की ओर से आयोजित जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट परीक्षा व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पर्सन विद डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट के आधार पर फर्जी स्क्राइब (लेखक) उपलब्ध करवाकर नकल कराने वाले गिरोह के सरगना व अभ्यर्थियों समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए लोगों के नाम झांसी निवासी राज किशोर, दिल्ली निवासी नीरज झा, झांसी निवासी राम मिलन, सहारनपुर निवासी सत्यम कुमार, झांसी निवासी मनीष मिश्रा, आकाश अग्रवाल, सौरभ सैनी, जालौन निवासी अभिषेक यादव और अमेठी निवासी दीपक थे। मनीष मिश्रा गिरोह का सरगना है। पूछताछ में आरोपितों ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी पाने वाले लोगों के नाम बताए थे। सूत्रों के मुताबिक उन लोगों के बारे में उनके विभागों को पत्र भेज दिया गया है। यही नहीं पकड़ा गया मोंटी यादव उर्फ शिवा यादव झांसी सिविल अस्पताल में कार्यरत है। वह फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाता था। इसके अलावा नीरज झा और आकाश पीडब्ल्यूडी में तैनात है। एसटीएफ ने इन तीनों के संबंध में भी इनके विभागों को रिपोर्ट भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है।

