शहर में अहिंसा परमो धर्मः की गूंज

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लखनऊ में भगवान महावीर का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। शहर के जैन मंदिरों में भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना की। कहीं 1008 कलशों से अभिषेक हुआ तो कहीं चांदी के पालने में प्रभु को झुलाया गया। प्रभात फेरियों और शोभायात्राओं से उत्सव की शुरुआत हुई। विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।

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nNBT ,न्यूज, लखनऊः अहिंसा परमो धर्मः और जीओ और जीने दो के उद्घोष के साथ सोमवार को लखनऊ भगवान महावीर की भक्ति से सराबोर रही। जैन धर्म के 24वें व अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव शहर के विभिन्न जैन मंदिरों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। कहीं 1008 कलशों से अभिषेक हुआ, तो कहीं चांदी के पालने में प्रभु को झुलाकर भक्तों ने मंगल गान किए।

प्रभात फेरी से हुई भोर : उत्सव की शुरुआत सुबह प्रभात फेरियों से हुई। गोमती नगर के विशाल खंड स्थित जैन मंदिर में सुबह भगवान की पालकी और शोभायात्रा निकाली गई। पंडित पीयूष सुरेंद्र के सानिध्य में संगीतमय पूजन हुआ, जहां मुख्य शांतिधारा का सौभाग्य भोपाल के अरविंद-मनीषा जैन और संजय-मनोरमा जैन परिवार को मिला। भक्ति नृत्य की प्रस्तुति में रिद्धि और आरणा ने समां बांध दिया। इस मौके पर महिला मंडल की अनीता, दीपाली और जूली सहित अनेक सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।

अपरिग्रह का संदेश और विशाल भंडारा : आशियाना स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विद्वान पंडित राजीव जैन शास्त्री के निर्देशन में शांतिधारा कर विश्व शांति की कामना की गई। समिति के मंत्री अजय जैन ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सामूहिक वात्सल्य भोज और आम जनता के लिए विशाल भंडारा किया गया। समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जैन ने बताया कि आज के अशांत युग में भगवान महावीर के सिद्धांत सबसे अधिक प्रासंगिक हैं।

सजने लगी हैं झांकियां : डालीगंज जैन मंदिर में सोमवार को पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें रितेश जैन, सुबोध और वीर कुमार जैन के साथ महिलाएं नृत्य करती नजर आईं।