अरावली में आग की घटनाएं रोकेंगे ग्रामीण इनफॉर्मर

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वन विभाग अरावली में आग की घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीणों को इनफॉर्मर बनाएगा। इससे आग लगने पर तुरंत सूचना मिलेगी और शुरुआती स्तर पर ही काबू पाया जा सकेगा। विभाग गांवों में जागरूकता अभियान चलाएगा। स्थानीय लोगों को आग के कारणों, बचाव और सूचना देने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा।

aravalli fire control villagers to become forest departments informers

n NBT न्यूज, गुड़गांव

शहर से सटे अरावली के जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले दो साल से लगातार बढ़ रहीं घटनाओं और फॉरेस्ट गार्ड की कमी के बीच विभाग ने जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों को ही इनफॉर्मर बनाने का फैसला किया है, जिससे आग लगते ही तुरंत सूचना मिल सके और उसे शुरुआती स्तर पर ही काबू किया जा सके। इसी कड़ी में अब गांव में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय लोगों को आग लगने के कारणों, उससे बचाव के उपायों और त्वरित सूचना देने के लिए जागरूक किया जाएगा। विभाग के अनुसार, कई मामलों में आग की सूचना समय पर नहीं मिलने से नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। योजना के तहत हर संवेदनशील गांव में कुछ लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी, जो जंगल में किसी भी तरह की आग या धुएं की गतिविधि पर तुरंत अलर्ट करेंगे। वन विभाग के डीएफओ राज कुमार ने बताया कि गांव वालो से कनेक्ट रहेंगे और जहां भी जरूरत पड़ी उनकी मदद ली जाएगी

संवेदनशील क्षेत्र में मॉनिटरिंग बढ़ी: आग की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में मॉनिटरिंग और सख्त कर दी है। विभाग ने सभी फॉरेस्ट गार्ड्स को पेट्रोलिंग बढ़ाने और किसी भी तरह की आग की घटना पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि पिछले साल जहां बंधवाड़ी और भोंडसी इलाके में आग की घटनाएं सामने आई थीं, वहीं इस बार टिकली गांव में आग लगने की बड़ी घटना हुई, जिसमें पेड़ों और वन क्षेत्र को नुकसान भी पहुंचा है।

क्यों होती हैं आग की घटनाएं: जंगलों में लगने वाली आग की अधिकांश घटनाएं मानवीय लापरवाही का परिणाम होती हैं। जंगल के आसपास कूड़ा जलाना इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है, जो तेज हवा और सूखी वनस्पति के कारण तेजी से विकराल रूप ले लेता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल में गिरीं सूखी पत्तियां, घास और टहनियां आग को फैलाने में ईंधन का काम करती हैं। ऐसे में एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में लोग सतर्कता बरतेंगे तो आग की बड़ी घटनाओं को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है।

इन वजहों से भी लगती है आग: जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकना, पिकनिक या कैम्पिंग के बाद आग पूरी तरह न बुझाना, खेतों में पराली या सूखी घास जलाना, कचरा जलाना जो कई बार जंगल तक फैल जाता है और बिजली के तारों से चिंगारी गिरने से भी जंगल में आग लगने की घटनाएं होती हैं।

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