छोटू सिलिंडर महंगा होने से दिक्कत

नवभारतटाइम्स.कॉम

छोटे गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने से गुड़गांव के उद्योगों में मजदूरों के पलायन का खतरा मंडरा रहा है। पहले ही 12 प्रतिशत मजदूर जा चुके हैं। 5 किलो वाले सिलिंडर की कीमत 261 रुपये बढ़कर 810.50 रुपये हो गई है। इससे मानेसर, उद्योग विहार जैसे इलाकों में रहने वाले मजदूरों के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है।

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n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव: जिले में उद्योग जगत को अब भी मजदूरों के पलायन का डर सता रहा है। दरअसल, शुरुआती गैस संकट के दौरान ही लगभग 12 प्रतिशत प्रवासी श्रमिक शहर छोड़कर जा चुके हैं। अब 5 किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। उद्यमियों को आशंका है कि अगर यही स्थिति रही तो बड़े पैमाने पर श्रमिकों का पलायन हो सकता है। जिसका असर उत्पादन पर पड़ेगा।

दरअसल, प्रवासी श्रमिकों को दिए जाने वाले 5 किलो गैस वाले छोटू सिलिंडर की कीमत 261 रुपये बढ़ाकर 810.50 रुपये कर दी गई है, जबकि रिफिल का दाम 554 रुपये से बढ़कर 815.50 हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन प्रवासी मजदूरों पर पड़ रहा है, जो मानेसर, उद्योग विहार, पटौदी रोड, बसई, कादीपुर और सेक्टर- 37 जैसे औद्योगिक एरिया के आसपास किराये पर रहकर ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, वेयरहाउसिंग, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में काम करते हैं। इनके लिए अब रसोई चलाना मुश्किल होता जा रहा है। सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान और श्रमिक नेता वजीर सिंह ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। श्रमिक नेताओं का कहना है कि मजदूर दिवस के दिन ही सरकार ने मजदूरों को झटका देते हुए सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए। सरकार ने जल्द राहत नहीं दी तो मजबूर होकर श्रमिक अपने गांव लौटने लगेंगे, जिससे उद्योगों में भारी श्रमिक संकट खड़ा हो जाएगा।

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