विजिलेंस विभाग पिछले पांच महीने से इस मामले की जांच कर रहा है, लेकिन अभी तक घोटाले में शामिल किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। सूत्रों का कहना है कि अब इसी घोटाले के मुख्य आरोपी को डीएचए बनाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों का कहना है कि जब तक विजिलेंस विभाग किसी भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट नहीं करता है तब तक उसे किसी भी महत्वपूर्ण पोस्ट पर बैठाया जा सकता है। इससे विजिलेंस विभाग की जांच पर भी उंगली उठने लगी है कि कहीं जानबूझकर तो इस मामले में चार्जशीट करने में देरी नहीं की गई।


