पिछले कई सालों से सीवर युक्त गंदे पानी सप्लाई से परेशान जनकपुरी के लोगों को अब काफी राहत है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए कुछ साल पहले जो सीवर प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, उस प्रोजेक्ट पर अब तेजी से काम चल रहा है। जिससे समस्या का करीब 70 प्रतिशत समाधान हो गया है। कुछ जगहों पर अभी काम चल रहा है, जिससे थोड़ी-बहुत दिक्कत है। लेकिन, यह समस्या भी मानसून से पहले खत्म हो जाएगी। दिल्ली जल बोर्ड की टीम लगातार इस प्रोजेक्ट को मॉनिटर भी कर रही है।
जनकपुरी रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन पदाधिकारियों के अनुसार कॉलोनी में जितने भी ब्लॉक हैं, उन सभी ब्लॉकों के घरों से निकलने वाला गंदा पानी केशोपुर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में जाता है, जो 1.5 मीटर डायमीटर मोटाइ वाली है और लंबाई करीब 7 किमी है। सीवर लाइन की साल 2013 के बाद कभी सफाई ही नहीं हुई थी, जिसके चलते जनकपुरी के कई ब्लॉकों, वीरेंद्र नगर, शिव नगर, हरि नगर में सीवर का पानी ओवरफ्लो होने लगा था।


