दीपक खोखर, रोहतक
रोहतक PGIMS के डॉक्टरों की टीम ने चंडीगढ़ के कमांड अस्पताल चंडी मंदिर में ब्रेन डेड घोषित हुई कर्नल की पत्नी के अंगदान करवाकर इतिहास रच दिया है। सोटो की हरियाणा टीम के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर दीप्ति के साथ मिलकर ग्रीन कारिडोर बनाते हुए अंगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में सहयोग किया। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार सेना के कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर से हृदय दान हुआ है। सेना और सोटो हरियाणा के समन्वय से अंग एयरलिफ्ट कर दिल्ली के आर.आर. हॉस्पिटल और चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर अस्पताल में पहुंचाए गए। इस पूरे अभियान में हरियाणा पुलिस ने तीन प्रदेशों में ग्रीन कॉरिडोर बनाए।
कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर के सैन्य अधिकारियों ने रविवार को पीजीआईएमएस रोहतक पहुंचकर यहां के चिकित्सकों की टीम का आभार जताया और प्रेस कॉन्फ्रेंस की। डॉक्टरों ने रविवार को बताया कि कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में भर्ती सैन्य अधिकारी की पत्नी को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। परिवार की बेटियों और पति ने रोते-रोते भी एक निर्णय लिया कि वह देश की सेवा करेंगे। परिवार ने अंगदान की सहमति दे दी। इसके बाद सोटो की हरियाणा टीम ने अंगदान करवाने में सहयोग किया। चंडी मंदिर स्थित हॉस्पिटल से 3 ग्रीन कोरिडोर बनाए गए। लीवर व हॉट एयर लिफ्ट कर दिल्ली भेजे गए जबकि एक किडनी कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में ही सेना से जुड़े मरीज को प्रत्यारोपित की गई, जबकि दूसरी किडनी और पैंक्रियाज पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ भेजी गई।
सैन्य अधिकारी की पत्नी के हृदय, लीवर, दो किडनी और पैंक्रियाज को रिकवर किया गया।सायरन बजते एंबुलेंस, पुलिस पायलट और ट्रैफिक फ्री रास्तों ने अंगों को मंजिल तक पहुंचा दिया गया। हॉर्ट को प्राइवेट जेट से दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल और लीवर दिल्ली स्थित आरआर पहुंचाया गया।


