nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : पारा इलाके में पुश्तैनी जमीन को फर्जी दस्तावेज व मृत गवाह के जरिए हड़पने के मामले में पारा थाने की पुलिस ने सोमवार को आठ लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज की है। मामले की जांच चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस ने FIR की प्रति एसीजेएम तृतीय के कोर्ट को भेज दी है।
मोहान रोड के फतेहगंज निवासी विशाल रावत ने प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट को बताया था कि उनके दादा रामदुलारे की सरोसा भरोसा में खेती की जमीन है। विपक्षी रेनू रावत ने सेंट्रल आर्काइव्स के कर्मचारियों के साथ मिलकर वर्ष 1988 की एक फर्जी सेल डीड तैयार कर मृत गवाह को जिंदा दर्शाकर उसे हड़पने का प्रयास किया। पीड़ित ने पुलिस अफसरों से फरियाद की, लेकिन हर जगह से उसे टरकाया गया। NBT ने इस मामले समेत जमीनों के सिंडिकेट के अन्य मामलों को 18 दिसंबर, 2024 को 'फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने का चल रहा सिंडिकेट' शीर्षक से प्रकाशित किया था। हाई कोर्ट ने NBT की खबर का संज्ञान लेकर निचली अदालत को इस मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट के आदेश पर एसीजेएम तृतीय ने पुलिस कमिश्नरेट को FIR दर्ज कर जांच करवाने का निर्देश दिया था। पारा थाने की पुलिस ने सोमवार को काकोरी के कठिगरा निवासी रेनू रावत, कानपुर के औरंगाबाद निवासी सोनू सिंह, पारा के भपटामऊ निवासी गौरीशंकर व पांच अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले की जांच सरोसा भरोसा चौकी प्रभारी को सौंपी गई है।

