n एनबीटी रिपोर्ट, नई दिल्ली: यूपी समेत देश के सभी राज्यों में इस बार मॉनसून कब पहुंचेगा, इसका पता 10 दिन पहले ही चल जाएगा। इतना ही नहीं, इस बार यह भी पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा कि यूपी में हर एक किलोमीटर क्षेत्र में कितनी बारिश होगी। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को एआई आधारित दो पूर्वानुमान प्रणालियों की शुरुआत की। इन प्रणालियों को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने विकसित किया है।
डॉ. सिंह ने कहा कि नई तकनीक मौसम पूर्वानुमान को और सटीक बनाएगी। इससे मौसम से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल खेती, सिंचाई, फसल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन , जल प्रबंधन और रोजमर्रा के फैसलों में आसानी से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की मौसम पूर्वानुमान क्षमता में बड़ा बदलाव आया है। नई तकनीक, बेहतर डेटा और आधुनिक मॉडलिंग की वजह से मौसम की जानकारी पहले से ज्यादा सटीक हुई है। इससे लोगों का मौसम विभाग पर भरोसा भी बढ़ा है।

