n टीम NBT, नोएडा/ग्रेटर नोएडा
जब अपनों की ही नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता का क्या हाल होगा? यह सवाल आजकल नोएडा और ग्रेटर नोएडा की गलियों में गूंज रहा है। जिले में जन समस्याओं और किसानों के मुद्दों को लेकर अब सत्ताधारी दल (BJP) के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी ही अपनी सरकार के प्रशासनिक तंत्र और प्राधिकरणों के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। जेवर विधायक जहां अधिकारियों को 'लालफीताशाही' के कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, वहीं संगठन के पदाधिकारी पानी और सीवर जैसी बुनियादी समस्याओं के लिए दफ्तरों में धरना देने को मजबूर हैं। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने तीनों विकास प्राधिकरणों (नोएडा, ग्रेनो और यमुना अथॉरिटी) की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों पर 'लालफीताशाही' का आरोप लगाते हुए कहा कि जब प्लॉट के रेट बढ़ाने होते हैं, तो अथॉरिटी खुद को 'स्वायत्त संस्था' बताकर बोर्ड में तुरंत फैसला ले लेती है। पिछले 4 साल में आवासीय रेट 53% और औद्योगिक रेट 63% तक बढ़ गए हैं।

