मई में नहीं मिली नई सैलरी, आठ दिनों से फिर सड़क पर श्रमिक

नवभारतटाइम्स.कॉम

फरीदाबाद में श्रमिक मई की नई सैलरी न मिलने से परेशान हैं। आठ दिनों से वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सेक्टर-4 की एक कंपनी के श्रमिकों ने फैक्ट्री गेट पर जोरदार नारेबाजी की। कंपनी प्रबंधन पर टालमटोल का आरोप है। कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ को बढ़ा हुआ वेतन मिला, पर उन्हें नहीं।

may salary not received workers on the road for eight days in faridabad demand for minimum wage

n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद : श्रमिकों को मई माह की नई सैलरी देने को लेकर कंपनियों की आनाकानी जारी है। ऐसे में कामगारों ने भी उन कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन करना फिर से शुरू कर दिया है। सेक्टर-4 स्थित कंपनी के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन नहीं दिया गया, जिससे मंगलवार को श्रमिकों ने फैक्ट्री गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया है।

कर्मचारी 5 मई से हड़ताल पर : फैक्ट्री के सैकड़ों कर्मचारी 5 मई से हड़ताल पर हैं। कंपनी में हौजरी का सामान, शर्ट और टी-शर्ट का निर्माण किया जाता है। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और टालमटोल की नीति अपनाने का आरोप लगाया। कर्मचारियों का कहना था कि कंपनी ने स्टाफ कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन दे दिया है, जबकि श्रमिकों को अब भी संशोधित वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। श्रमिकों के समर्थन में पहुंचे सीटू के जिला सचिव वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने बताया कि कंपनी में 600 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इनमें करीब 175 कर्मचारी पीस रेट पर काम करते हैं, लेकिन उन्हें कंपनी के रोल पर दिखाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन श्रमिकों को डबल ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता है।

सरकार के नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां : वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने कहा कि श्रमिकों को हरियाणा सरकार द्वारा घोषित उच्च कुशल श्रेणी का वेतनमान भी नहीं मिल रहा। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के अधिकारियों ने पहले आश्वासन दिया था कि फरीदाबाद की सभी फैक्ट्रियों को संशोधित वेतन लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन अधिकांश फैक्ट्री मालिक इन आदेशों का पालन नहीं कर रहे। सीटू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।