n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
हरियाणा रियल एस्टेट अथॉरिटी (HRERA) की ओर से होम बायर्स के लिए अलर्ट जारी किया गया है। अथॉरिटी ने कहा है कि कई बिल्डर और प्रमोटर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। वे कॉलोनी के पंजीकरण का हवाला देकर फ्लोर, अपार्टमेंट और बिल्डिंग बेच रहे हैं जबकि संबंधित प्रॉजेक्ट का अलग से RERA पंजीकरण नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक गुड़गांव में ऐसे कई प्रॉजेक्ट चल रहे हैं जो रजिस्टर्ड नहीं हैं।
HRERA गुड़गांव के चेयरमैन अरुण कुमार ने बताया कि गुड़गांव में इस तरह की गतिविधियां सामने आई हैं, इसलिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यह भी स्पष्ट किया कि केवल कॉलोनी का पंजीकरण काफी नहीं है। अगर किसी कॉलोनी में नया ग्रुप हाउसिंग, बिल्डर फ्लोर, अपार्टमेंट या अन्य आवासीय प्रॉजेक्ट विकसित किया जा रहा है, तो उसका अलग से RERA में पंजीकरण जरूरी है। कई लोग सिर्फ कॉलोनी के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन को देखकर निवेश कर देते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि जिस फ्लोर या बिल्डिंग में पैसा लगाया गया है वह RERA में दर्ज ही नहीं है। ऐसे मामलों में खरीदारों को कानूनी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसी भी फ्लैट, फ्लोर, प्लॉट या बिल्डिंग की बुकिंग से पहले उसकी रेरा रजिस्ट्रेशन संख्या की जांच करें। हरेरा पहले भी नियमों के उल्लंघन करने वाले बिल्डरों और प्रमोटरों पर कार्रवाई कर चुका है। इनमें वटिका लिमिटेड, बिड़ला एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, कंट्रीवाइड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और माहिरा होम्स व माहिरा ग्रुप शामिल हैं। हाल ही में मेसर्स नितारा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 500 वर्ग मीटर तक की भूमि या आठ अपार्टमेंट तक की परियोजनाओं को RERA पंजीकरण से छूट है। इसके अलावा किसी भी रियल एस्टेट परियोजना, अपार्टमेंट, प्लॉट या भवन की बिक्री, बुकिंग, विज्ञापन या मार्केटिंग से पहले पंजीकरण अनिवार्य है।


