n NBT रिपोर्ट, लखनऊ : यूपी में विधायकों के निधन के चलते खाली चल रही तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव पर संशय गहरा गया है। चुनाव आयोग ने अब तक उपचुनाव का कोई कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। आम तौर पर खाली सीट पर छह महीने के भीतर उपचुनाव करवाना होता है। इसी महीने घोसी के खाली हुए छह महीने पूरे हो जाएंगे, लेकिन यहां के चुनाव की भी कोई अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है।
विधानसभा की तीन सीटों मऊ की घोसी, सोनभद्र की दुद्धी और बरेली की फरीदपुर सीट पर उपचुनाव होना है। घोसी के सपा विधायक सुधाकर सिंह का पिछले साल 20 नवंबर को निधन हो गया था। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने इस सीट को रिक्त घोषित करते हुए इसकी सूचना चुनाव आयोग को भेज दी थी। वहीं, फरीदपुर से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल का इसी साल जनवरी के पहले सप्ताह और दुद्धी के सपा विधायक विजय सिंह का जनवरी के दूसरे सप्ताह में निधन हुआ था। इनकी भी रक्तियों की सूचना जनवरी में ही चुनाव आयोग को भेज दी गई थी।
दूसरे राज्य में सीटें भरीं, यहां SIR में फंसीं
हाल में ही हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान दूसरे राज्यों में खाली हुई सीटों पर उपचुनाव करवाए गए थे, लेकिन, चुनाव आयोग ने यूपी की सीटों का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया था। इसके पीछे वजह वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) बताया गया था। प्रदेश में अक्टूबर के आखिर में शुरू की गई यह प्रक्रिया दो बार आगे बढ़ाई गई थी। इसके चलते आयोग ने फाइनल वोटर लिस्ट पिछले महीने 10 अप्रैल को प्रकाशित की थी। इस प्रक्रिया के पूरे हुए भी एक महीने से अधिक हो चुके हैं। लेकिन, उपचुनाव के लेकर अब तक कोई सुगबुगाहट नहीं है। ऐसे में इनके भविष्य को लेकर संशय बढ़ गया है।


