n NBT रिपोर्ट, लखनऊ
प्रदेश सरकार जल्द ही कैशलेस इलाज के लिए शिक्षकों, अनुदेशकों को स्वास्थ्य कार्ड बांटेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अनुदेशक सम्मान समारोह में निर्देश दिए कि वे सभी बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर पंजीकरण करवा लें, ताकि अगले हफ्ते बड़े समारोह में स्वास्थ्य कार्ड बांटे जा सकें।
बच्चों का होगा समग्र मूल्यांकन : मुख्यमंत्री ने अनुदेशक सम्मान समारोह में ‘ होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड ’ भी लॉन्च किया। यह रिपोर्ट कार्ड एससीईआरटी ने तैयार किया है। इसके जरिए बाल वाटिका से लेकर कक्षा आठ तक बच्चों के समग्र विकास का मूल्यांकन किया जाएगा। केवल विषयवार अंक ही नहीं, बल्कि बच्चों की शारीरिक, सामाजिक, भावनत्मक प्रगति का भी लेखजोखा दर्ज किया जाएगा।
सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना प्राथमिकता : सीएम ने कहा कि प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षा मित्रों और 24,296 अनुदेशकों के साथ ही शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सामाजिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। जो शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए लगातार योगदान दे रहा है, उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिलनी चाहिए। शिक्षकों का बढ़ा हुआ मानदेय सीधे बैंक खाते में जाएगा। उन्होंने कहा कि 2019 में महिला अनुदेशकों को छह माह का मातृत्व अवकाश दिया गया। उसके बाद 2023 में स्कूल परिवर्तन की सुविधा दी गई, इससे 4,000 महिला अनुदेशकों को अपनी पसंद का स्कूल चुनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हर बच्चा किसी न किसी प्रतिभा के साथ जन्म लेता है। कोई खेल में अच्छा होता है, कोई कला और विज्ञान में। शिक्षकों अनुदेशकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानें और आगे बढ़ने का अवसर दें। बच्चों को दबाने का नहीं, उनको प्रेरित करने की जरूरत है। सरकार ने बच्चों का जूते-मोजे, यूनीफॉर्म, स्वेटर और अन्य सुविधाएं दी हैं। उनको समय से पुस्तकें उपलब्ध करवा दी जाएंगी।
स्कूलों में हेल्थ चेकअप : डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश सरकार बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में बच्चों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाएगी। इस दिशा में काम किया जा रहा है। बच्चों का नियमित चेकअप होगा। यदि किसी बच्चे में स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो उसको पर्याप्त पोषण और उपचार की भी व्यवस्था की जाएगी। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए भी तेजी से काम किया जा रहा है। उनको तकनीक के जरिए अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है।


