nNBT न्यूज, गोसाईंगंज
जिला कारागार लखनऊ में दाखिल हुए एससी/एसटी एक्ट के आरोपित की देर रात तबीयत बिगड़ गई। उसे खून की उल्टियां हुईं। जेल के डॉक्टरों ने उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। जहां बंदी की मौत हो गई। इस मामले में परिवारीजनों का आरोप है कि बिजनौर पुलिस स्टेशन में तैनात दरोगा की पिटाई से गंभीर चोटें आईं थीं, जिसके चलते बंदी की जान गई। परिवारीजनों ने इस मामले में जांच की मांग की है।
बिजनौर के बलसिंह खेड़ा निवासी अनुज उर्फ कुल्ली पत्नी महक यादव और दो बच्चों अंश, वंश व अन्य परिवारीजनों के साथ रहता था। वह रियल एस्टेट में ब्रोकर का काम करता था। बिजनौर पुलिस स्टेशन में दिलीप यादव और अनुज कुमार के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज थी। एडीजे के यहां से दोनों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू वॉरंट जारी हुआ था। बिजनौर पुलिस ने अनुज यादव को शनिवार दोपहर मोहनलालगंज के खुजौली से उसके मामा रामनरेश यादव के घर से गिरफ्तार गया था। उसका सीएचसी सरोजनीनगर में मेडिकल हुआ। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। जेल में रविवार सुबह अनुज यादव की तबीयत बिगड़ गई। उसे खून की उल्टियां होने लगीं। उसे जेल अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने प्रथमिक उपचार के बाद उसे बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया था, जहां उसकी मौत हो गई। अनुज के साले विमल यादव ने बताया कि अनुज के सिर में पीछे की तरफ चोट है। मुंह और नाक से खून निकल रहा था। आरोप है कि पुलिस ने उन लोगों को शव देखने नहीं दिया था।
लिवर खराब होने का दावा
जेल प्रशासन का दावा है कि अनुज ने बताया था कि उसके लिवर में छल्ले पड़े हुए थे। रविवार सुबह उसे उल्टियां होने लगी। जेल अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसकी बीमारी क्या है। डॉक्टरों के मुताबिक अनुज ने एक या दो दिन पहले शराब पी होगी, तभी इंफेक्शन हुआ है। जेल प्रशासल का दावा है कि सोशल मीडिया पर जो खून स्ट्रेचर पर दिखाया गया वह किसी चोट का नहीं, बल्कि उल्टी का है। पत्नी महक का आरोप है कि पिटाई से पेट में चोट लगने से उनकी मौत हुई है।
परिवारीजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
मामा रामनरेश ने आरोप लगाया कि अनुज को बिजनौर पुलिस ने पीटा जिसके कारण खून की उल्टी हुई। वहीं पत्नी ने चौकी इंचार्ज अभिराम शुक्ला पर पिटाई का आरोप लगाया है। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घरवालों की मांग है कि पूरे मामले की मैजिस्ट्रेटी जांच करवाई जाए। जांच की मांग को लेकर घरवालों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने परिवारीजनों को आश्वासन दिया है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


