पंचायतों में आरक्षण को बनेगा डेडिकेटेड आयोग

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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सरकार पंचायतों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए एक विशेष पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करने जा रही है। इस प्रस्ताव पर जल्द ही कैबिनेट की मुहर लग सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ट्रिपल टेस्ट के आधार पर आरक्षण का निर्धारण होगा।

dedicated commission to be formed for obc reservation in up panchayats proposal expected to be approved in cabinet

n NBT रिपोर्ट, लखनऊ

यूपी में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट फिर शुरू हो गई है। सरकार पंचायतों में ओबीसी आरक्षण निर्धारित करने के लिए डेडिकेटेड पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करने जा रही है। सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।

पंचायत एवं निकाय चुनावों में आरक्षण निर्धारित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ट्रिपल टेस्ट अनिवार्य कर चुका है। इसमें पिछड़ेपन की प्रकृति व प्रभाव के निर्धारण के लिए समर्पित आयोग का गठन, रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का निर्धारण और आरक्षण की सीमा किसी भी स्थिति में 50% से अधिक न किया जाना शामिल है। यूपी में पंचायतों का कार्यकाल इसी महीने पूरा हो जाएगा, हालांकि, अब तक वोटर लिस्ट की प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है, वहीं, शासन स्तर पर भी तैयारियां धीमी हैं। इसी बीच हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि आरक्षण के निर्धारण के लिए आयोग का गठन कब तक करेंगे। सूत्रों का कहना है कि सरकार आदेश के अनुपालन में आयोग का गठन करने जा रही है। कैबिनेट के समक्ष एक दर्जन से अधिक प्रस्ताव विचार के लिए रखे जाएंगे। इसमें वेटनरी इंटर्न का भत्ता 4 हजार से बढ़ाकर 12 हजार किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है।