n NBT रिपोर्ट, नोएडा
ग्रेटर नोएडा में रहने वाले एक शख्स को बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये से अधिक की ठगी हो गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्होंने 2022 और 2023 में अलग-अलग कंपनियों की कई जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी थीं। नवंबर 2025 में उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉलर ने कहा कि उनकी बीमा पॉलिसी मैच्योर हो चुकी हैं और उन्हें करीब 1.23 करोड़ रुपये मिलेंगे। उसने झांसे में लेते हुए उनसे 25 लाख रुपये ठग लिए।
पीड़ित को ठगी की जानकारी हुई तो एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ग्रेटर नोएडा के बीटा टू निवासी यशपाल भाटी ने पुलिस को बताया कि कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी और बाद में एनपीसीआई का अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि कुछ प्रीमियम और प्रोसेसिंग फीस बाकी है, जिसे जमा करने के बाद पूरी रकम खाते में भेज दी जाएगी। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में प्रोसेसिंग फीस, पेनल्टी, टैक्स, प्रीमियम और चार्टर्ड अकाउंटेंट फीस के नाम पर पैसे मांगे गए। कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। पीड़ित ने दबाव और लालच में आकर बार-बार भुगतान कर दिया। दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच आरोपी अलग-अलग नंबरों से कॉल करते रहे और हर बार नया बहाना बनाकर रकम मांगते रहे। कभी 45 हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस, कभी 3 लाख रुपये प्रीमियम, तो कभी टैक्स और पेनल्टी के नाम पर पैसे जमा कराए गए। इस तरह पीड़ित से कुल 25 लाख 46 हजार 932 रुपये ठग लिए गए। जब काफी रकम देने के बाद भी बीमा की मैच्योरिटी राशि खाते में नहीं आई, तब पीड़ित को अपने साथ ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में एफआईआर कराई। साइबर पुलिस का कहना है कि आजकल ठग बीमा पॉलिसी, लोन, केवाईसी और इनाम के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और किसी के कहने पर बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। यदि कोई खुद को सरकारी अधिकारी या बैंक कर्मचारी बताकर पैसे मांगे, तो पहले उसकी पूरी जांच जरूर करें।


