n NBT रिपोर्ट, गाजियाबाद
अवंतिका एक्सटेंशन के रेजिडेंट्स ने सोमवार को पार्षद मनोज त्यागी की अगुवाई में अंसल बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निवासियों ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष को एक लिखित शिकायत सौंपकर बिल्डर की मनमानी और कॉलोनी की बदहाली के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। आरडब्ल्यूए (RWA) पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2004 से मैसर्स अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड द्वारा अवंतिका एक्सटेंशन कॉलोनी को विकसित किया जा रहा है। जीडीए के नियमों के अनुसार बिल्डर को 5 साल के भीतर यानी 2009 तक आंतरिक विकास कार्य पूरा करके पूर्णता प्रमाण पत्र प्राधिकरण को सौंप देना चाहिए था। लेकिन 22 साल बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने अपना काम पूरा नहीं किया है। इतना ही नहीं, बिल्डर ने साल 2012 के बाद से बैंक गारंटी का नवीनीकरण रिन्यूअल भी नहीं कराया है।
निवासियों का आरोप मेंटिनेंस स्टॉफ को हटवाया : शिकायत पत्र के अनुसार कॉलोनी में वर्तमान समय में लगभग 60 प्रतिशत आबादी रह रही है, इसके बावजूद कॉलोनी की आंतरिक सीवर व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कॉलोनी की अंदरूनी सड़कों का हाल बद से बदतर हो चुका है। पार्कों की स्थिति बेहद खराब है और स्ट्रीट लाइट भी सही तरीके से काम नहीं कर रही है। निवासियों का आरोप है कि अप्रैल 2026 से बिल्डर ने कॉलोनी की देखरेख में लगे सफाई कर्मचारियों, मालियों और सुरक्षा गार्डों को भी हटा दिया है, जिससे सोसायटी में अव्यवस्था और असुरक्षा काफी बढ़ गई है।
जीडीए से सख्त कार्रवाई की मांग :
असोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि अंसल बिल्डर के मालिक कुशाग्र अंसल और तरुण अंसल अपनी मनमानी और जोर-जबरदस्ती के बल पर जीडीए के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। निवासियों ने प्राधिकरण से मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विकासकर्ता के खिलाफ तत्काल न्यायिक व कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही कॉलोनी के सभी अधूरे आंतरिक विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कराकर इस कॉलोनी को आधिकारिक रूप से हैंडओवर कराया जाए ताकि लोगों को बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सके।


