Chanderkant.Yadav
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n फरीदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां एक तरफ आम जनता की सुविधा के लिए 'पब्लिक ट्रांसपोर्ट' (सार्वजनिक परिवहन) के इस्तेमाल पर लगातार जोर दे रहे हैं। वहीं, फरीदाबाद के अधिकारी इस विजन को ठेंगा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। फरीदाबाद के लोगों को एक बेहतरीन और व्यवस्थित सिटी बस सर्विस देने के दावे के साथ शुरू किया गया विभाग खुद ही 'सफेद हाथी' साबित हो चुका है। हरियाणा सरकार की ओर से गुरुग्राम की तर्ज पर गठित किया गया विभाग फरीदाबाद सिटी बस ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (FCTSL) अपने गठन के सात साल बाद भी पूरी तरह निष्क्रिय है। इस विभाग ने आज तक एक भी बस फरीदाबाद में नहीं चलाई है, जिस कारण लोकल ट्रांसपोर्ट आज भी ऑटो रिक्शा पर ही निर्भर है। जबकि गुरुग्राम में लगातार सिटी बसों का विस्तार होता जा रहा है।
बसों का जाल शहर के अंदरूनी रूटों पर नहीं
बता दें कि फरीदाबाद में इस वक्त लोकल ट्रांसपोर्ट की स्थिति काफी खराब है। यहां के लोगों को ज्यादातर ऑटो रिक्शा पर ही निर्भर रहना पड़ता है। लोकल सिटी बसों का जाल फरीदाबाद के अंदरूनी रूटों पर नहीं है। इसलिए फरीदाबाद में अदरूनी रूटों पर सिटी बसों का एक मजबूत जाल बिछाने, बसों के संचालन और उनके रखरखाव (मेंटिनेंस) के उद्देश्य से मार्च 2019 में FCTSL का गठन बड़ी उम्मीदों के साथ किया गया था। लेकिन प्रशासनिक सुस्ती का आलम यह है कि पिछले सात सालों में इस विभाग ने फरीदाबाद की सड़कों पर एक भी नई बस नहीं उतारी। यदि यह विभाग समय पर सक्रिय होकर काम करता, तो आज फरीदाबाद के कोने-कोने में, खासकर ग्रेटर फरीदाबाद से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों तक सिटी बसों का एक शानदार नेटवर्क होता और लाखों दैनिक यात्रियों को ऑटो चालकों की मनमानी से मुक्ति मिल चुकी होती।


