n NBT न्यूज, होडल : अनाज मंडी में मंडी सचिव व खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों से सरकार की ओर से खरीदे गए गेहूं की फसल में सड़े व खराब गेहूं को मिलाने का मामला सामने आया है। इस मामले एफसीआई के डीएम अचानक मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने गेहूं में की जा रही मिलावट को लेकर कट्टों में भरे खराब गेहूं को गोदामों रखने से मना कर दिया। डीएम ने हैफेड व वेयरहाउस के अधिकारियों के अलावा मंडी के अधिकारियों की देखरेख में गेहूं के सैंपल लेकर लैब को जांच को भेज दिए। वहीं, डीएम ने कट्टों में खराब गेहूं भरने पर आढ़ेतियों के अलावा मजदूरों को कड़ी फटकार लगाने के बाद नोटिस जारी कर एक हजार मीट्रिक टन गेहूं खराब बताया है। एफसीआई के डीएम केशव कुमार मीणा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर वेयरहाउस व हैफेड खरीद एजेंसियों के द्वारा खरीदे गए गेहूं को गोदामों से वापस भेज दिया। सोमवार की दोपहर को अचानक निरीक्षण पर पर पहुंचे डीएम की आंखे खुली की खुली रह गई, जब मंडी सचिव व खरीद एजेंसियों के अधिकारियों की मिलीभगत से खराब व सड़े हुए गेहूं को मजदूरों द्वारा कट्टों भरा जा रहा था।


