फीस मामले में जवाब नहीं दे रहे स्कूल प्रबंधन

नवभारतटाइम्स.कॉम

ग्रेटर नोएडा में निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। शिक्षा विभाग की सख्ती के बावजूद कई स्कूल फीस बढ़ाने और निजी प्रकाशकों की किताबें बेचने के मामले में जवाब नहीं दे रहे हैं। जिला शुल्क नियामक समिति ने फीस बढ़ाने की सीमा तय की थी।

school management fails to respond on fee hike parents complaints unheard

n NBT न्यूज, ग्रेटर नोएडा : जनपद में निजी स्कूलों की मनमानी पर शिक्षा विभाग की सख्ती बेअसर नजर आ रही है। नए शैक्षिक सत्र में जिला शुल्क नियामक समिति ने सीपीआई के आधार पर अधिकतम 7.23 प्रतिशत फीस बढ़ाने की अनुमति दी थी, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभिभावकों ने स्कूलों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

जानकारी के मुताबिक, जिले के 45 निजी स्कूलों के खिलाफ फीस बढ़ोतरी और निजी प्रकाशकों की किताबें बेचने संबंधी शिकायतें डीआईओएस कार्यालय पहुंची हैं। इनमें से केवल 25 स्कूलों ने विभाग को जवाब भेजा है, जबकि तीन सप्ताह बीतने के बाद भी कई स्कूल विभागीय नोटिसों को नजरअंदाज कर रहे हैं। अधिकारियों को अब 15 से अधिक स्कूलों को रिमांडर नोटिस जारी करना पड़ा है। सात अप्रैल को जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेगा। साथ ही एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए थे।

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