ब्रेन डेड लड़के के अंगों से पांच मरीज़ों को नई जिंदगी

नवभारतटाइम्स.कॉम

झज्जर के 14 वर्षीय किशोर के ब्रेन डेड होने पर उसके अंगों से पांच लोगों को नया जीवन मिला। लीवर नई दिल्ली भेजा गया। दोनों किडनी और कॉर्निया पीजीआई रोहतक को मिले। परिजनों ने अंगदान कर दूसरों को प्रेरित किया। इस बच्चे ने मौत के बाद भी कई जरूरतमंदों को जीवनदान दिया।

ब्रेन डेड लड़के के अंगों से पांच मरीज़ों को नई जिंदगी

NBT न्यूज, रोहतक : झज्जर के 14 वर्षीय किशोर का ब्रेन डेड होने के बाद रविवार को पीजीआईएमएस रोहतक में अंगदान किए गए। लड़के की मौत के बाद उसके अंगों से पांच लोगों को नई जिंदगी मिली। ग्रीन कोरिडोर बनाकर लीवर को नई दिल्ली स्थित लीवर आईएलबीएस (इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज) भेजा गया। दोनों किडनी और कोर्निया पीजीआईरोहतक को अलॉट किए गए हैं। किशोर के परिजनों ने पीजीआईएमएस की ओर से चलाई जा रही मुहिम से प्रेरित होकर ही अंगदान का फैसला किया। जीआईएमएस में झज्जर निवासी ब्रेन डेड अंशु के परिजनों ने पीजीआईएमएस की अंगदान की मुहिम से प्रभावित होकर अंगदान का फैसला लिया। अंशु के लीवर, किडनी और दोनों कॉर्निया से करीब 5 से 6 मरीजों को नया जीवन मिलेगा। अंगदान के बाद अंशु का पार्थिव शरीर को परिजनों को सौंपा गया।

हादसे के बाद ब्रेन-डेड घोषित किए गए इस बच्चे ने अपनी मौत के बाद भी हृदय, लीवर, किडनी और दोनों कॉर्निया के माध्यम से कई जरूरतमंदों के लिए नई जिंदगी का रास्ता खोल दिया।नकी मौत हो गई।