n विनीत नरूला, झज्जर
पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा में बनी सरकारों ने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के कई प्रयास किए, जो अब फलीभूत होते नजर आने लगे है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पहले उन्हें स्वरोजगार के अवसर देने के साथ साथ पंचायतों और निकायों में बराबर का प्रतिनिधित्व देने के बाद अब प्रशासनिक पदों पर आसीन महिलाओं को भी बड़ी जिम्मेदारी सरकार देने लगी है। इसका जीता जागता उदाहरण झज्जर जिले में भी दिख रहा है।
झज्जर अब देश के उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है, जहां प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की शीर्ष जिम्मेदारियां पूरी तरह महिला अधिकारियों के हाथों में हैं। यहां प्रशासन और पुलिस दोनों ही शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व को कमान महिलाओं के हाथों है। हाल ही में नई डीसी के रूप में नियुक्त होकर आई भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी वर्षा खांगवाल के जॉइन करने के बाद महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल सामने आने लगी है। 2004 बैच की एचसीएस अधिकारी रहीं वर्षा खांगवाल अपने बैच की टॉपर रही हैं। उन्होंने एचसीएस से आईएएस तक का सफर तय किया। इससे पहले वे सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा और परियोजना निदेशक शिक्षा परिषद में अहम जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। वहीं पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के तहत कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हाथों में है। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के साथ आईपीएस दीप्ति गर्ग और एचपीएस धारणा यादव सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। जिला उपायुक्त को असिस्ट करने के लिए बनाए गए नगराधीश का पद रितु बंसीवाल के पास है, वही बेरी के एसडीएम पद को रेणुका नांदल संभाल रही है। पंचायत विभाग की कमान डीडीपीओ निशा तंवर और स्वास्थ्य विभाग को कमान सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान के हाथ है।


