n NBT न्यूज, गुड़गांव
लोगों की जान बचाने वाली एम्बुलेंस के कर्मचारी खुद बदहाल कार्य व्यवस्था से जूझ रहे हैं। जिले के सिविल हॉस्पिटल, पॉलीक्लिनिक, फर्रुखनगर, सोहना, भोंडसी और दौलताबाद एरिया में संचालित करीब 35 ऐम्बुलेंस पर तैनात 126 ड्राइवर और इमरजेंसी टेक्निशन काम का दबाव बढ़ने से परेशान हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें हफ्ते में तय 48 घंटे की जगह 60 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ती है और साप्ताहिक छुट्टी भी नहीं मिलती। कर्मचारियों के अनुसार कई बार स्थिति बेहद कठिन हो जाती है। किसी ड्राइवर की ड्यूटी रात 8 बजे खत्म होनी है लेकिन शाम 6 बजे दिल्ली से मरीज लाने या रेफर केस की कॉल आ जाती है। ऐसे में ड्राइवर को मजबूरी में जाना पड़ता है। कई घंटे अतिरिक्त लगते हैं, लेकिन इस एक्स्ट्रा ड्यूटी का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। शारीरिक थकान के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क दुर्घटना और इमरजेंसी रिस्पांस में देरी की आशंका बढ़ जाती है। कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर लगातार अतिरिक्त भार डाला जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
इसी मुद्दे को लेकर NHM कर्मचारी संघ ने भी स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरिराज ने मांग उठाई है कि एम्बुलेंस ड्राइवर्स और इमरजेंसी स्टाफ को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए तथा अतिरिक्त ड्यूटी का रेकॉर्ड रखा जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर आराम और छुट्टी नहीं मिली तो इसका असर सीधे इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा। जल्द समाधान की मांग की है।


