n NBT रिपोर्ट, गुड़गांव
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के लगातार बढ़ते दाम अब सीधे आम लोगों की रसोई तक असर डालने जा रहे हैं। गुड़गांव में परचून और रोजमर्रा का सामान ढोने वाली छोटी कमर्शल गाड़ियों ने किराया बढ़ाना शुरू कर दिया है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ गई है, जिसका असर अब बाजार में सामान की कीमतों पर भी दिखाई देगा।
निजी मालिकों की छोटी कमर्शल गाड़ियां सबसे पहले किराया बढ़ा रही हैं। रोजाना किराये पर चलने वाली इन गाड़ियों के भाड़े में 100 से लेकर 500 तक की वृद्धि की गई है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मौजूदा हालात में पुराने रेट पर गाड़ियां चलाना मुश्किल हो गया है। दिल्ली से परचून का सामान लाने वाली 22 फुट लंबी छह टायरी गाड़ी जिसमें करीब 7 टन माल आता है, उसका वन-वे किराया पहले 6 हजार 500 रुपये था, जो कि अब 7 हजार रुपये कर दिए गए हैं। 14 फुटी गाड़ी जिसकी क्षमता करीब 3 टन होती है, उसका किराया 4 हजार 500 से 4 हजार 800 से बढ़कर 5 हजार हो गया है। ट्रांसपोर्ट वेलफेयर असोसिएशन के अध्यक्ष एचएस शर्मा का कहना है कि दिल्ली से ही आने वाले वाहनों ने ही नहीं, बल्कि प्रदेश के किसी भी जिले से आने वाले छोटे कमर्शल वाहनों ने अपने रेट बढ़ा दिए हैं। इनका कहना है कि अब तो सामान्य बुकिंग में भी नए रेट लागू होने लगे हैं। कारोबारियों का कहना है कि माल ढुलाई महंगी होने का असर जल्द ही तेल, आटा, चावल, दाल और दूसरी जरूरी चीजों की खुदरा कीमतों पर दिखेगा। कारोबारी जय गुप्ता का कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ाने के कारण आने वाले कुछ दिनों में रिटेल महंगाई आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा सकती है।


