भाइयों के हमले में घायल युवक की मौत

नवभारतटाइम्स.कॉम

मोहनलालगंज में भाइयों और रिश्तेदारों के हमले में गंभीर रूप से घायल जमुना प्रसाद की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। संपत्ति बंटवारे के विवाद में यह हमला हुआ था। पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा भी जोड़ी है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

भाइयों के हमले में घायल युवक की मौत

nNBT रिपोर्ट, लखनऊ : मोहनलालगंज क्षेत्र में भाइयों और रिश्तेदारों के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए संविदाकर्मी विद्युतकर्मी जमुना प्रसाद (40) की इलाज के दौरान ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने एक सगे और एक चचेरे भाई को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने पहले दर्ज मुकदमे में अब गैर इरादतन हत्या की धारा भी बढ़ा दी है।

पावर ग्रिड में करते थे काम

मोहनलालगंज के गोपाल खेड़ा निवासी जमुना प्रसाद खुजेहटा स्थित पावर ग्रिड पर संविदा पर कार्यरत थे। शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौटते समय बैलहिया खेड़ा गांव स्थित प्राइमरी स्कूल के पास नाले के निकट उन्हें घेर लिया गया। आरोप है कि उनके सगे भाई नीरज, हरदेश, नीरज के बेटे अरुण और अनुज, नीरज के साले रोहित, चचेरे भाई लवकुश, शनू समेत तीन अन्य लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी।

विरोध करने पर आरोपितों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में जमुना प्रसाद के सिर, हाथ, पैर और पीठ समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों को आता देख हमलावर उन्हें मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना देकर उन्हें सीएचसी पहुंचाया, जहां हालत गंभीर होने पर ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

संपत्ति के बंटवारे का विवाद

पीड़ित की पत्नी पप्पी की तहरीर पर पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। नामजद आरोपित हरदेश और लवकुश को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पत्नी पप्पी के मुताबिक पांच दिन पहले हरदेश ने अपने पिता साहबदीन के साथ मारपीट की थी, जिसका जमुना ने विरोध किया था। इसी रंजिश में उन पर हमला किया गया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में संपत्ति बंटवारे को लेकर भी विवाद चल रहा था।