NBT न्यूज, फरीदाबाद : बेहतर पढ़ाई, आधुनिक सुविधाओं और अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के वादों से प्रभावित होकर निजी स्कूल छोड़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य अब संकट में पड़ गया है। जिले में 1861 ऐसे छात्र हैं, जिन्होंने पुराने स्कूलों से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) तो ले लिया, लेकिन उन्हें नए मॉडल संस्कृति स्कूल ों में दाखिला नहीं मिल पाया। इससे अभिभावकों में चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी वजह से बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर इन स्कूलों में दाखिला दिलाने का निर्णय लिया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद बसंत कुमार ने बताया कि मॉडल संस्कृति स्कूल में सीटें सीमित होती है। इसलिए कई बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाता है। जिन्हें दाखिला नहीं मिल पाया है वे सरकारी स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं।

